150+ Bal Manuhar Shayari in Hindi (2026)

बच्चों की मनुहार में एक अजीब सी मिठास होती है। जब नन्हे हाथ आपकी उंगली पकड़कर कुछ मांगते हैं, तो दिल पिघल जाता है। बाल मनुहार शायरी उसी मासूमियत को शब्दों में पिरोती है – चाहे वो खिलौने की जिद हो, स्कूल न जाने की जिद हो, या फिर माँ की गोद में छुपने की इच्छा।

ये शायरियाँ हर माता-पित�� के दिल को छू जाती हैं। बचपन की वो प्यारी सी जिद, वो मासूम बहाने, और वो निश्छल प्यार – सब कुछ इन पंक्तियों में समाया है। अगर आप भी बच्चों की शायरी खोज रहे हैं जो बचपन की यादें ताज़ा कर दे, तो ये संग्रह आपके लिए है।


Best Bal Manuhar Shayari in Hindi

बच्चों की मनुहार में दुनिया की सबसे सच्ची भावनाएं छुपी होती हैं। उनकी हर जिद के पीछे प्यार की तलाश होती है। ये शायरियाँ उसी निश्छल प्रेम को बयां करती हैं।

Bal Manuhar Shayari

छोटे से हाथों से जब माँ का आँचल पकड़ता हूँ
रूठ के जब मैं बैठता हूँ, तो सारी दुनिया छोड़ता हूँ

पापा की गोद में बैठकर घोड़े की सवारी
माँ के आँचल में छुपकर सुनना लोरी प्यारी
बचपन की ये मनुहार है कितनी न्यारी
जिंदगी की सबसे खूबसूरत है ये फुलवारी

गुब्बारे की जिद पर रोना मेरा
माँ का प्यार से समझाना तेरा

स्कूल नहीं जाऊंगा, पेट में दर्द है माँ
आज तो छुट्टी चाहिए, बस एक दिन की बात है माँ
तेरी गोद में सोना है, तेरे हाथ का खाना है
बचपन की ये मनुहार, कभी नहीं भुलाना है

चॉकलेट की जिद में जब मैं रोता हूँ
पापा की जेब में हाथ डालकर ढूंढता हूँ

नन्हीं सी मुट्ठी में सपने भरे
आँखों में मासूमियत के डेरे
रूठना मनाना सब खेल है प्यारे
बचपन के ये दिन हैं सबसे न्यारे

दादी के पास जाकर कहानी सुनने ��ी जिद
नानी के हाथ के हलवे की वो मीठी सी जिद

खिलौने टूट जाने पर आँसू बहाना
माँ का गले लगाकर चुप कराना
ये बचपन की मनुहार है प्यारी
जिंदगी की सबसे सच्ची कहानी

पापा के कंधे पर बैठने की जिद करना
ऊंचाई से दुनिया देखने की इच्छा करना

बारिश में भीगने की जिद है मेरी
काग़ज़ की नाव चलाने की जिद है तेरी
माँ का डांटना और फिर प्यार से नहलाना
बचपन की ये यादें कभी नहीं भूल पाना

आइसक्रीम की जिद में गली-गली घूमना
पापा की उंगली पकड़कर मेला घूमना

होमवर्क नहीं करने के बहाने बनाना
माँ से डांट खाकर फिर उससे ही लिपट जाना
बचपन की ये अदाएं हैं कितनी प्यारी
मासूमियत की ये दुनिया है सबसे न्यारी


Innocent Children’s Stubbornness Shayari

बच्चों की जिद में एक अलग ही मिठास होती है। वो न तो गलत होती है, न ही बुरी – बस मासूम होती है। उनकी हर जिद के पीछे प्यार पाने की चाह छुपी होती है।

Bal Manuhar Shayari

मिट्टी में खेलने की जिद है मेरी
माँ तू क्यों रोकती है खुशी मेरी

दोस्तों के साथ खेलने जाना है
माँ अभी घर नहीं आना है
सूरज ढलने तक मैदान में रहना है
बचपन का हर पल जी भर के जीना है

नई साइकिल की जिद पर अड़ा हूँ मैं
पापा के सामने खड़ा हूँ मैं

टीवी देखने की जिद में सोना नहीं
माँ की बात अभी मानना नहीं
कार्टून देखना है रात भर
सुबह स्कूल जाने की फिर करूंगा फ़िक्र

जन्मदिन पर केक काटने की जिद
सबसे पहले मैं ही खाऊंगा ये जिद

पतंग उड़ाने की है मेरी जिद
छत पर जाने की है तेरी जिद
माँ का मना करना, हमारा मनाना
बचपन का ये खेल है पुराना

रंग-बिरंगी पेंसिल चाहिए मुझे
नया बस्ता भी चाहिए मुझे

दादा जी की गोद में बैठने की जिद
उनकी कहानी सुनने की जिद
चश्मा लगाकर उनकी नकल करना
बचपन में सब कुछ मज़ेदार करना

बाल कटवाने से डरता हूँ मैं
नाई काका से लड़ता हूँ मैं

मेले में झूला झूलने की जिद
गुब्बारे और खिलौने की जिद
पापा की जेब खाली कर देना
फिर भी और मांगते रहना


Mother’s Love and Child’s Demands Shayari

माँ और बच्चे का रिश्ता दुनिया का सबसे पवित्र रिश्ता है। बच्चे की हर मनुहार में माँ को अपना बचपन नज़र आता है। माँ की शायरी में ये प्यार और भी गहरा हो जाता है।

माँ तेरी गोद में सोने की आदत है
तेरे बिना नींद न आने की आदत है

माँ के हाथ का खाना ही खाऊंगा
दादी के हाथ का हलवा भी खाऊंगा
स्कूल की टिफ़िन वापस लाऊंगा
घर का खाना ही मैं खाऊंगा

माँ की साड़ी का पल्लू पकड़ना
उसके पीछे-पीछ�� घर भर घूमना

रात को माँ के पास सोने की जिद
उसकी लोरी सुनने की जिद
परियों की कहानी में खो जाना
सपनों की दुनिया में सो जाना

माँ के माथे की बिंदी से खेलना
उसके बालों से छेड़छाड़ करना

बीमार होने पर माँ का पास होना
उसकी ममता में निहाल होना
दवाई न खाने की जिद करना
माँ के प्यार से ठीक होना

माँ की रसोई में घुसकर चखना
मीठा-नमक��न सब कुछ पकड़ना

माँ से लड़कर कोने में बैठना
फिर खुद ही आकर गले से लिपटना
माफ़ी मांगे बिना माफ़ी पाना
माँ के प्यार का ये अफ़साना

सुबह उठने में आलस करना
माँ का प्यार से जगाते रहना

माँ के मोबाइल में गेम खेलना
उसके पर्स में पैसे ढूंढना
छुप-छुपकर चॉकलेट खाना
माँ से बचकर भाग जाना


Father’s Lap and Child’s Joy Shayari

पापा की गोद दुनिया की सबसे सुरक्षित जगह होती है। उनके कंधे पर बैठकर बच्चे खुद को राजा समझते हैं। पापा की शायरी में ये प्यार और गहरा हो जाता है।

पापा के कंधे पर बैठकर मेला घूमना
सबसे ऊंचा होने का एहसास पाना

पापा की जेब में हाथ डालना
टॉफी-चॉकलेट ढूंढते रहना
ऑफिस से आने पर लिपट जाना
नए खिलौने की फ़रमाइश करना

पापा की मूंछों से खेलना मेरा
उनकी गोद में कूदना तेरा

रविवार को पापा के साथ घूमना
पार्क में झूला झूलना
आइसक्रीम खाना, मस्ती करना
पापा के साथ बचपन जीना

पापा की बाइक पर बैठने की जिद
हेलमेट पहनने की जिद

पापा के साथ क्रिकेट खेलना
उनको आउट करके खुश होना
जीत जाने पर इतराना
पापा का प्यार से हंसना

पापा के ऑफिस बैग में झांकना
उनके पेन से खेलना

पापा के फोन पर गेम खेलना
उनसे छुपाकर वीडियो देखना
पकड़े जाने पर मासूम बनना
पापा का प्यार से डांटना

पापा के साथ बाज़ार जाना
हर चीज़ की फ़रमाइश करना

पापा की गोद में कहानी सुनना
उनकी बातों में खो जाना
बड़े होने के सपने देखना
पापा जैसा बनने की चाह रखना


School and Homework Excuse Shayari

स्कूल न जाने के बहाने हर बच्चे की कला होती है। होमवर्क न करने के लिए नई-नई तरकीबें सोचना बचपन की निशानी है।

आज स्कूल नहीं जाना माँ
पेट में दर्द का है बहाना

होमवर्क भूल गया मैडम जी
कॉपी घर पर छूट गई मैडम जी
कल पक्का करके लाऊंगा
आज माफ़ी चाहता हूँ

रविवार को भी स्कूल जाना पड़ेगा क्या
एक्स्ट्रा क्लास भी करनी पड़ेगी क्या

टीचर से डर लगता है मुझे
डांट खाने से डर लगता है मुझे
माँ तू ही चली चल मेरे साथ
स्कूल में अकेले डर लगता है मुझे

बस्ता भारी है, कंधा दुखता है
स्कूल का रास्ता लंबा लगता है

छुट्टी की घंटी का इंतज़ार
दोस्तों के साथ घर आने की तैयार
टिफ़िन शेयर करना, मस्ती करना
स्कूल की यादें संजोना

परीक्षा के दिन बुखार आ जाता है
पढ़ाई का नाम सुनकर डर लग जाता है

यूनिफॉर्म गंदी हो गई माँ
आज छुट्टी कर दे माँ
कल दो यूनिफॉर्म पहनूंगा
आज घर पर ही रहूंगा

क्लास में सबसे पीछे बैठना
टीचर की नज़र से बचना

पी.टी. पीरियड का इंतज़ार करना
खेल के मैदान में दौड़ना
पढ़ाई से ज्यादा खेल भाता है
बचपन ऐसे ही मुस्कुराता है


Toys and Games Demanding Shayari

खिलौनों की दुनिया हर बच्चे का सपना होता है। नए खिलौने की जिद और पुराने खिलौने से प्यार – ये बचपन की निशानी है।

नया खिलौना चाहिए मुझे आज
रिमोट वाली कार चाहिए मुझे आज

खिलौने की दुकान पर रुक जाता हूँ
माँ-पापा का हाथ खींचता हूँ
एक नहीं, दस खिलौने चाहिए
सारी दुकान घर ले आनी चाहिए

टूटे खिलौने से भी प्यार है
उसमें बचपन की यादें हज़ार हैं

गुड़िया से बातें करना मेरा
उसको सुलाना जगाना तेरा
खिलौनों की दुनिया में खो जाना
बचपन का हर पल जी जाना

रंग-बिरंगे गुब्बारे चाहिए
उड़ने वाले तारे चाहिए

दोस्त के खिलौने अच्छे लगते हैं
अपने खिलौने फीके लगते हैं
शेयर करना सीख रहा हूँ
बचपन की दोस्ती निभा रहा हूँ

बैटरी वाला खिलौना चाहिए
आवाज़ करने वाला चाहिए

पज़ल गेम में उलझना मेरा
ब्लॉक्स से घर बनाना तेरा
कल्पना की उड़ान भरना
बचपन में सब कुछ करना

वीडियो गेम खेलने की जिद
सारा दिन टीवी से चिपके रहने की जिद

खिलौने बिखेरना सारे घर में
माँ का उठाना, फिर बिखेरना
ये खेल है प्यारा बचपन का
हर दिन नया अध्याय रचना


Food and Sweet Treats Shayari

खाने-पीने की चीज़ों को लेकर बच्चों की जिद अलग ही होती है। मिठाई, चॉकलेट, आइसक्रीम – इन सबके लिए उनकी मनुहार देखते ही बनती है।

मिठाई खाने की जिद है मेरी
चॉकलेट की भी जिद है तेरी

हरी सब्जी नहीं खानी मुझको
मैगी-पास्ता ही खाना मुझको
माँ की डांट, दादी का प्यार
खाने को लेकर रोज़ तकरार

आइसक्रीम गर्मी में भी, सर्दी में भी
बारिश में भी खानी है जी

दूध नहीं पीना, बोर्नविटा चाहिए
रोटी नहीं खानी, पिज़्ज़ा चाहिए
बच्चों की ये फ़रमाइशें
माँ को परेशान कर जाती हैं

मेले का चाट-पकौड़ी खाना
गोलगप्पे का पानी पीना

जन्मदिन का केक अकेले खाना
किसी को नहीं देना
मलाई सारी चाट जाना
ये बचपन का अंदाज़ है पुराना

चुपके से फ्रिज खोलना
मिठाई ढूंढना रोज़ाना

पानीपुरी की जिद पर अड़ना
पूरी प्लेट अकेले खाना
पेट भर जाने पर भी न मानना
ये है बचप�� का खाना

टॉफी जेब में भरकर रखना
स्कूल में दोस्तों को बांटना

नानी के हाथ का हलवा खाना
दादी के हाथ की पूरी खाना
घर का खाना छोड़कर
रिश्तेदारों के यहाँ खाना


Grandparents Love Shayari

दादा-दादी और नाना-नानी का प्यार बच्चों के लिए खास होता है। उनकी गोद में बैठकर कहानी सुनना और उनसे मनमानी करना बचपन की सबसे प्यारी याद होती है।

दादी की कहानी सुनने की जिद
परियों के देश जाने की जिद

दादाजी की छड़ी से खेलना
उनका चश्मा लगाकर देखना
उनकी तरह चलने की कोशिश
बचपन की ये है ख्वाहिश

नानी के घर जाने की जिद करना
वहाँ हफ्तों रुकने की जिद करना

दादी की गोद में सिर रखना
उनके हाथों से तेल मालिश करवाना
प्यार से खाना खिलवाना
ये सुख है अनमोल पुराना

नाना के साथ बाग़ में घूमना
पौधों को पानी देना सीखना

दादाजी की जेब से पैसे निकालना
चुपके से मिठाई खरीद लाना
उनकी डांट से बच जाना
दादी के पीछे छुप जाना

नानी की साड़ी में मुंह छुपाना
उनसे लाड़ करवाना

दादी के संदूक में झांकना
पुरानी चीज़ों से खेलना
उनकी जवानी के किस्से सुनना
समय के साथ बहना

दादाजी के साथ मंदिर जाना
प्रसाद खाने की जिद करना

नाना-नानी के घर की छुट्टियां
वो प्यार भरी घड़ियां
कभी न भूलने वाली यादें
बचपन की मीठी बातें


Festival and Birthday Wishes Shayari

त्योहार और जन्मदिन पर बच्चों की खुशी देखते ही बनती है। नए कपड़े, मिठाई, उपहार – सब कुछ उनके लिए खास होता है। जन्मदिन की शायरी में ये खुशी और बढ़ जाती है।

जन्मदिन पर केक काटना है
सबसे पहले मैं ही खाना है

दिवाली पर पटाखे जलाना
फुलझड़ी से आसमान में लिखना
नए कपड़े पहनकर इतराना
मिठाई खा-खाकर पेट भरना

होली में रंग लगाने की जिद
पिचकारी से सबको भिगोने की जिद

ईद पर ईदी मांगना
सेवईं खाने का इंतज़ार करना
नए कपड़ों में सज जाना
सबको गले मिलकर मनाना

राखी पर बहन से लड़ना
फिर उसके लिए उपहार लाना

क्रिसमस पर सांता का इंतज़ार
उपहारों की है भरमार
पेड़ के नीचे झांकना
सांता को देखने की चाह रखना

जन्माष्टमी पर कान्हा बनना
मक्खन-मिश्री खाना

नवरात्रि में गरबा खेलना
माँ के साथ डांडिया रास करना
रंग-बिरं��े कपड़े पहनना
त्योहार का मज़ा लेना

बैसाखी पर भांगड़ा करना
ढोल की थाप पर थिरकना

त्योहारों का इंतज़ार करना
छुट्टियों में मौज मनाना
रिश्तेदारों से मिलना
बचपन की खुशियां जीना


Conclusion

बाल मनुहार शायरी बचपन की उन मासूम यादों को ताज़ा कर देती है जब छोटी-छोटी खुशियों में पूरा आसमान नज़र आता था। बच्चों की जिद, उनकी मनुहार, और उनका निश्छल प्यार – ये सब जीवन की सबसे कीमती धरोहर हैं।

ये शायरियाँ हमें याद दिलाती हैं कि बचपन की मासूमियत कितनी अनमोल होती है। हर माता-पित�� के लिए उनके बच्चे की मुस्कान सबसे बड़ा खज़ाना है। आशा है कि ये संग्रह आपके दिल को छू गया होगा और आपको अपने बचपन की प्यारी यादों में ले गया होगा।