आज की ज़िंदगी में हर कोई बिज़ी है। कोई काम में डूबा है, कोई पढ़ाई में उलझा है, और कोई ज़िम्मेदारियों के बोझ तले दबा है। लेकिन सबसे ज़्यादा दर्द तब होता है जब वो इंसान बिज़ी हो जाए, जिससे आप सबसे ज़्यादा बात करना चाहते हो। वो एक लफ़्ज़ — “बिज़ी हूँ” — कभी-कभी इतना तोड़ देता है कि पूछो मत।
बिज़ी होना कोई बुरी बात नहीं, लेकिन जब कोई अपना बार-बार यही कहे तो लगता है कि शायद हम उनकी ज़िंदगी में अब ज़रूरी नहीं रहे। ये busy shayari in hindi उन्हीं लम्हों के लिए लिखी गई हैं — जब आपको लगे कि कोई वक़्त नहीं दे रहा, जब आप अकेलापन महसूस करें, या जब किसी की याद में आप ख़ुद को बिज़ी रखने की कोशिश कर रहे हों।
ये शायरी आपके दिल की बात कहेगी — बिलकुल सीधे, सच्चे लफ़्ज़ों में।
Best Busy Shayari in Hindi
यह सेक्शन उन सभी एहसासों को समेटता है जो “बिज़ी” शब्द सुनकर दिल में उठते हैं। चाहे प्यार में कोई बिज़ी हो गया हो, दोस्त ने वक़्त देना बंद कर दिया हो, या ज़िंदगी ने इतना उलझा दिया हो कि अपनों से बात करने का वक़्त ही न मिले — ये शायरी हर उस पल को बयान करती है।

बिज़ी तो हम भी हैं ज़िंदगी में,
पर तुम्हारे लिए वक़्त निकाल लेते हैं।
तुम कहते हो बिज़ी हो बहुत,
हम समझ गए, अब ज़रूरी नहीं रहे।
वक़्त नहीं है तुम्हारे पास मेरे लिए,
पर काश ये बात पहले बता दिए होते।
बिज़ी रहने का बहाना तो बस बहाना है,
जिसे चाहो उसके लिए वक़्त निकल ही आता है।
पहले बातें घंटों होती थीं,
अब “बिज़ी हूँ” में सब ख़त्म हो जाता है।
बिज़ी होना बुरा नहीं है,
बुरा तो तब है जब बिज़ी होना बहाना बन जाए।
तुम बिज़ी हो ये मान लिया,
पर दिल ने तुम्हें आज भी पुकारा है।
हर बार “बाद में बात करते हैं” कहते हो,
वो “बाद” कभी आता ही नहीं।
जब दिल में जगह होती है किसी की,
तो बिज़ी से बिज़ी इंसान भी वक़्त निकाल लेता है।
चाहे दो पल ही सही,
पर वो दो पल ज़िंदगी बना देते हैं।
तुम्हारी एक कॉल का इंतज़ार था,
तुमने कहा बिज़ी हूँ, फिर कभी।
वो “फिर कभी” सुनकर लगा,
शायद अब ये रिश्ता बस यहीं तक था।
बिज़ी ज़िंदगी में खो गए हम ऐसे,
कि अपनों ��े ही अजनबी हो गए।
जो क़रीब थे वो दूर चले गए,
और हम बिज़ी-बिज़ी कहते रह गए।
कितना अजीब है ये दौर,
सब बिज़ी हैं पर कोई ख़ुश नहीं।
दौड़ रहे हैं न जाने किसलिए,
और पीछे छूट गए अपने सब।
मैंने कहा तुम्हारी याद आती है,
तुमने कहा अभी बिज़ी हूँ।
काश तुम समझ पाते कि मेरा दिल,
सिर्फ़ तुमसे ही लगी हूँ।
Busy Shayari for Love in Hindi
प्यार में “बिज़ी हूँ” सुनना सबसे ज़्यादा तकलीफ़ देता है। जब वो इंसान जिससे आप सबसे ज़्यादा बात करना चाहते हो, बार-बार कहे कि वक़्त नहीं है — तो लगता है कि शायद प्यार कम हो गया। ये शायरी उसी दिल के दर्द को बयान करती है।

प्यार में वक़्त माँगना गुनाह नहीं,
पर तुम्हें बिज़ी रहना ज़रूरी लगता है।
तुम बिज़ी हो और मैं तन्हा हूँ,
यही फ़र्क़ है तुम्हारे और मेरे प्यार में।
एक वक़्त था जब तुम ख़ुद मैसेज करते थे,
अब मेरा मैसेज भी “seen” पर छोड़ देते हो।
मोहब्बत में बिज़ी होना समझ आता है,
पर मोहब्बत से बिज़ी होना दिल तोड़ देता है।
तुम कहते हो बिज़ी हूँ जान,
पर किसी और के लिए तो फ़ुर्सत मिल जाती है।
तुम्हारी “बिज़ी” ने मुझे सिखा दिया,
कि प्यार में भी लोग बदल जाते हैं।
दो मिनट की बात के लिए तरसता हूँ,
तुम कहती हो बिज़ी हूँ, रात को बात करेंगे।
वो रात भी निकल जाती है ख़ामोशी में,
और मैं फिर अगले दिन का इंतज़ार करता हूँ।
पहले तुम बिना बोले समझ जाती थीं,
अब बोलने पर भी नहीं सुनतीं।
बिज़ी का बहाना इतना आसान है,
कि दिल टूटने की आवाज़ भी दब जाती है।
प्यार में वक़्त चाहिए बहुत कम,
बस एक “कैसे हो” से दिल खिल जाता है।
पर तुम तो वो भी कहने को तैयार नहीं,
बिज़ी का लेबल लगा दिया रिश्ते पर।
इश्क़ में बिज़ी होकर इश्क़ भुला दिया,
ये कैसा सौदा कर बैठे तुम।
तुम्हारी “बिज़ी” मेरी “तन्हाई” बन गई,
तुम्हारी “बाद में” मेरी “कभी नहीं” बन गई।
कभी फ़ोन उठाकर देख लिया करो,
बिज़ी रहने से रिश्ते नहीं, लोग बि��़ी हो जाते हैं।
Sad Busy Shayari in Hindi
जब कोई अपना बार-बार “बिज़ी” कहे तो उदासी अपने आप आ ���ाती है। ये शायरी उस चुपचाप टूटने वाले दिल के लिए है — जो शिकायत भी नहीं करता, बस अंदर ही अंदर सब सहता जाता है। अगर आप दर्द भरी शायरी पढ़ना चाहें तो वहाँ भी ऐसे ही एहसास मिलेंगे।
उनकी बिज़ी लाइफ़ में मेरा नाम ही नहीं,
मैं पुकारता रहा, उन्हें फ़ुर्सत ही नहीं।
बिज़ी हैं वो इतने कि ख़बर भी नहीं,
इस तरफ़ कोई रोज़ टूट रहा है।
पूछा हाल तो कहा बिज़ी हूँ,
समझ गया कि अब मेरी ज़रूरत नहीं।
वो कहते हैं बिज़ी हूँ बाद में बात करेंगे,
पर वो “बाद” आता ही नहीं कभी।
बिज़ी ��ोना गुनाह नहीं,
पर अपनों को तड़पाना गुनाह है।
एक मैसेज का जवाब दे देते,
इतनी सी बात पर इतना बिज़ी क्यों हो।
मैं रोज़ इंतज़ार करता हूँ तुम्हारा,
और तुम रोज़ “बिज़ी” का बोर्ड लगा देते हो।
जो इंसान सच में चाहता है,
वो बिज़ी से बिज़ी शिड्यूल में भी वक़्त चुरा लेता ह��।
पर जिसे परवाह नहीं रही,
उसके लिए तो पूरा दिन भी कम पड़ता है।
तुम बिज़ी हो गए ज़िंदगी में,
और मैं ख़ाली हो गया अंदर से।
न शिकायत करने का हक़ रहा,
न इंतज़ार करने की हिम्मत बची।
बिज़ी है दुनिया, बिज़ी हैं लोग,
बिज़ी हैं रिश्ते, बिज़ी है सोच।
बस ख़ाली हैं तो ये आँखें मेरी,
जो रोज़ किसी के इंतज़ार में भीगती हैं।
अजीब दर्द है ये बिज़ी का,
न रोक सकते हो, न कह सकते हो रुको।
बस एक ख़ामोशी पाल लेते हो अंदर,
और मुस्कुरा कर कहते हो — कोई बात नहीं।
Busy Life Shayari in Hindi
ज़िंदगी की भागदौड़ ने सबको इतना बिज़ी कर दिया है कि लोग ख़ुद से भी मिलना भूल गए हैं। ये शायरी उन लोगों के लिए है जो ज़िंदगी की उलझनों में खोए हुए हैं और कभी-कभी ठहरकर सोचते हैं कि ये सब किसलिए है।
इतनी बिज़ी ज़िंदगी हो गई है,
कि ख़ुद से बात करने का वक़्त नहीं मिलता।
सुबह से शाम तक बस भागना है,
ज़िंदगी जीना तो कब शुरू करेंगे हम।
बिज़ी लाइफ़ में सब कुछ है,
बस सुकून की कमी है।
कमाने की दौड़ में इतने आगे निकल गए,
कि पीछे छूटे अपनों का पता ही न चला।
दिन भर की भागदौड़ के बाद,
रात को सोचता हूँ — ये सब किसलिए है।
बिज़ी रहकर सब कुछ हासिल कर लोगे,
पर जो खो दोगे वो लौटकर नहीं आएगा।
ज़िंदगी इतनी तेज़ भाग रही है,
कि रुककर साँस लेने का भी वक़्त नहीं।
बिज़ी लाइफ़ का सबसे बड़ा नुकसान,
कि लोग पास होते हैं फिर भी दूर हो जाते हैं।
काम इतना कर लो कि नाम हो जाए,
पर इतना भी मत करो कि अपने ग़ायब हो जाएँ।
सपनों के पीछे भागते-भागते,
ज़िंदगी हाथ से फिसल गई।
जब तक समझ आया कि क्या ज़रूरी है,
तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बिज़ी ज़िंदगी में एक पल ठहरो,
अपनों को गले लगाओ, मुस्कुराओ।
ये लम्हे दोबारा नहीं मिलेंगे,
कामों ��ी लिस्ट तो कभी ख़त्म नहीं होगी।
बिज़ी लाइफ़ की सबसे बड़ी सच्चाई,
हम सब के पास वक़्त है, बस तय करना है किसके लिए।
Busy Shayari for Friends in Hindi
दोस्ती में “बिज़ी” सुनना अलग ही चुभता है। वो दोस्त जो कभी घंटों बातें करता था, अब “बाद में बात करता हूँ” कहकर फ़ोन रख देता है। ये शायरी उन दोस्तों के लिए है जो बिज़ी तो हो गए, पर दिल से अभी भी क़रीब हैं।
पहले हर बात शेयर करते थे यार,
अब “बिज़ी हूँ बाद में” सुनता हूँ।
दोस्ती में बिज़ी होना ठीक है,
पर इतना बिज़ी भी मत हो कि दोस्ती ही भूल जाओ।
वो दोस्त जो कभी बिना बुलाए आ जाता था,
अब बुलाने पर भी वक़्त नहीं निकाल पाता।
यारी में बिज़ी का बहाना अच्छा नहीं लगता,
दो पल की बात से भी दिल ख़ुश हो जाता है।
बिज़ी हो गया है मेरा यार इतना,
कि मेरी याद भी उसे फ़ुर्सत में आती है।
सब बिज़ी हो गए अपनी-अपनी दुनिया में,
वो ग्रुप चैट भी अब ख़ामोश पड़ा है।
जो दोस्त बिज़ी होकर भी एक कॉल कर ले,
वो सबसे सच्चा दोस्त है।
कॉलेज में वक़्त ही वक़्त था,
अब ज़िंदगी में वक़्त ही नहीं।
वो दोस्ती अब भी ज़िंदा है दिल में,
बस मिलने का मौक़ा नहीं मिलता।
बिज़ी दोस्तों से बस इतना कहूँगा,
एक दिन ऐसा आएगा जब फ़ुर्सत होगी।
पर तब शायद वो दोस्त न मिलें,
जो आज तुम्हारे बिज़ी होने पर भी इंतज़ार कर रहे हैं।
दोस्ती का मतलब वक़्त नहीं होता,
दोस्ती का मतलब दिल में जगह होती है।
बिज़ी रहो कोई बात नहीं,
बस भूल मत जाना किसी दिन।
बिज़ी दोस्तों की एक निशानी है,
मैसेज देर से आता है पर आता ज़रूर है।
Funny Busy Shayari in Hindi
बिज़ी होने का दर्द तो है, लेकिन कभी-कभी इसे हल्के अंदाज़ में कहना ज़्यादा असर करता है। ये शायरी उन लम्हों के लिए है जब आप मुस्कुराते हुए अपना दर्द बताना चाहो।
इतना बिज़ी है वो कि शायद,
साँस लेने का भी शिड्यूल बना रखा है।
बिज़ी तो हम भी बहुत हैं,
पर तुम्हें मिस करने का टाइम निकाल ही लेते हैं।
मैंने पूछा क्या कर रहे हो,
बोले बिज़ी हूँ — स्टेटस देख रहा हूँ।
बिज़ी कहते हो पर ऑनलाइन दिखते हो,
ये कौन सी बिज़ीनेस है भाई।
उनसे बात करने को फ़ोन किया,
बोले बिज़ी हूँ — रील देख रही हूँ।
बिज़ी है वो ऐसे जैसे देश चला रही हो,
और मैं बस एक “हाय” का भिखारी हूँ।
सोने को “बिज़ी” बोलते हैं आजकल,
वाह रे ज़माने तेरी भाषा निराली है।
बिज़ी लोगों से एक सवाल है मेरा,
वॉट्सएप पर “लास्ट सीन” कैसे अपडेट होता है।
अगर इतने बिज़ी हो तो फ़ोन कौन चलाता है,
या बिज़ीनेस सिर्फ़ हमारे मैसेज पर ही लागू होता है।
उसने कहा बहुत बिज़ी हूँ,
मैंने कहा चलो कोई बात नहीं।
फिर देखा इंस्टाग्राम पर नई रील डाली,
सोचा — ये बिज़ीनेस तो बड़ी इंटरेस्टिंग है।
हम तो फ़्री होकर भी बिज़ी दिखते हैं,
और वो बिज़ी होकर भी सबको रिप्लाई करते हैं।
ये दुनिया बड़ी अजीब है भाई,
सब नाटक में PhD कर रहे हैं।
When Someone Says Busy Shayari in Hindi
जब कोई बार-बार “बिज़ी हूँ” कहे, तो समझ लो कि शायद अब आपकी प्राथमिकता बदल गई है। ये शायरी उसी एहसास ��ो ज़ुबान देती है — जब “बिज़ी” सिर्फ़ एक लफ़्ज़ नहीं, बल्कि एक ख़ामोश अलविदा लगने लगता है।
जब कोई बार-बार बिज़ी कहे,
तो समझ जाओ वक़्त नहीं, जगह नहीं है तुम्हारे लिए।
बिज़ी हूँ का मतलब समझ गया हूँ,
अब परेशान नहीं करूँगा।
तुमने “बिज़ी” कहा और मैंने “ठीक है” कहा,
दोनों ने झूठ बोला उस दिन।
हर बार “बिज़ी” सुनकर ख़ुद को समझाता हूँ,
शायद सच में व्यस्त होंगे।
उनकी “बिज़ी” ने मुझे सिखा दिया,
कि हर किसी के लिए ज़रूरी नहीं होते हम।
बिज़ी कहना आसान है,
पर सुनने वाले का दिल टूटता है चुपचाप।
जब कोई कहे “बिज़ी हूँ”,
तो ज़िद मत करो — बस मुस्कुरा दो।
मैंने जब भी हाल पूछा,
जवाब मिला — बिज़ी हूँ, बाद में बात करेंगे।
अब मैंने भी पूछना बंद कर दिया,
क्योंकि बार-बार ठुकराना सबको नहीं आता।
बिज़ी का बहाना देते रहे वो,
और मैं इंतज़ार करता रहा।
एक दिन मैंने भी कहा — बिज़ी हूँ,
तो उन्हें अजीब लगा।
बिज़ी होना ग़लत नहीं है,
पर जिसने वक़्त माँगा उसे इग्नोर करना ग़लत है।
रिश्ते वक़्त से बनते हैं,
और बिज़ी कहकर ख़त्म हो जाते हैं।
Busy Shayari for Husband and Wife in Hindi
शादी के बाद ज़िंदगी बदल जाती है। पति काम में बिज़ी हो जाता है, पत्नी घर और बच्चों में उलझ जाती है। दोनों के बीच वो बातें कम हो जाती हैं जो कभी रात भर चलती थीं। ये शायरी उस ख़ूबसूरत रिश्ते की बिज़ी ज़िंदगी को बयान करती है।
पहले रात भर बातें करते थे,
अब “गुड नाइट” भी बिज़ीनेस की तरह करते हो।
ऑफ़िस से आकर फ़ोन में घुस जाते हो,
मेरे लिए भी थोड़ा वक़्त निकालो।
बिज़ी पति की बीवी का हाल पूछो,
उसने ख़ुद को अकेले ही संभाल लिया है।
कभी चाय की चुस्की साथ में ले लो,
बिज़ी ज़िंदगी में यही तो प्यार है।
तुम ऑफ़िस में बिज़ी हो, मैं किचन में बिज़ी हूँ,
पर दोनों को एक दूसरे की याद तो आती है।
बिज़ी लाइफ़ में भी वो पल चुरा लो,
जब बस तुम हो और मैं हूँ — बाक़ी सब भूल जाओ।
शादी से पहले घंटों बातें होती थीं,
अब “खाना खा लिया?” बस यही बात होती है।
बिज़ी ज़िंदगी ने प्यार तो नहीं छीना,
बस उसे ज़ाहिर करने का तरीक़ा बदल दिया।
वो कहती है तुम बिज़ी रहते हो बहुत,
मैं कहता हूँ तुम्हारे लिए ही तो बिज़ी हूँ।
पर काश ये बात वो समझ पाती,
कि बिज़ीनेस के पीछे भी प्यार ही है।
बिज़ी हो तो एक गले लगा लो,
कभी-कभी ये बातों से ज़्यादा काम करता है।
पति-पत्नी दोनों बिज़ी हैं अपनी-अपनी दुनिया में,
पर रात को सोने से पहले एक नज़र तो मिलती है।
Self Busy Shayari in Hindi
कभी-कभी हम ख़ुद को बिज़ी रखते हैं ताकि किसी की याद न सताए। दर्द भुलाने का, ख़ुद को सँभालने का ये तरीक़ा बहुत आम है। ये शायरी उन लोगों के लिए है जो अपनी बिज़ीनेस के पीछे दर्द छुपाते हैं।
ख़ुद क�� बिज़ी रखता हूँ इसलिए,
कि फ़ुर्सत मिली तो तुम्हारी याद आ जाएगी।
बिज़ी रहना सीख लिया है मैंने,
वरना ख़ाली बैठूँगा तो टूट जाऊँगा।
काम में डूबा रहता हूँ इसलिए नहीं कि शौक़ है,
बस तुम्हें भूलने का और कोई रा��्ता नहीं मिला।
बिज़ी रहो तो दर्द कम लगता है,
फ़ुर्सत में तो हर ज़ख़्म ताज़ा हो जात�� है।
लोग समझते हैं बहुत बिज़ी है ये इंसान,
कोई नहीं जानता बिज़ीनेस के पीछे कितनी तन्हाई है।
दिन भर काम करता हूँ इसलिए,
कि रात को सोचने का वक़्त न मिले।
ख़ुद को बिज़ी रखना मेरी मजबूरी है,
क्योंकि ख़ाली दिमाग़ सिर्फ़ तुम्हें याद करता है।
बिज़ी रहना मेरा शौक़ नहीं, इलाज है,
उस दर्द का जो तुमने दिया था।
ख़ुद को इतना थका लेता हूँ,
कि रात को आँखें बंद होने से पहले ही नींद आ जाए।
दुनिया कहती है बहुत मेहनती है,
कोई नहीं जानता कि ये मेहनत दर्द छुपाने के लिए है।
काम में ख़ुद को डुबो दिया मैंने,
ताकि कोई पूछे तो कह सकूँ — बिज़ी हूँ।
मैंने ख़ुद को बिज़ी बनाया है इसलिए,
ताकि किसी के सामने कमज़ोर न पड़ूँ।
जो दर्द अंदर है उसे काम में बदल दिया,
और दुनिया समझती है मैं बहुत स्ट्रॉन्ग हूँ।
Busy Shayari for WhatsApp Status in Hindi
व्हाट्सएप स्टेटस पर बिज़ी शायरी लगाना एक तरीक़ा है बिना बोले अपनी बात कहने का। दो लाइन में पूरी बात — ये शायरी स्टेटस के लिए बिलकुल सही है।
बिज़ी हूँ ज़िंदगी में,
पर तुम्हारी याद से फ़ुर्सत नहीं मिलती।
वक़्त नहीं है किसी के पास,
फिर भी सबको किसी का इंतज़ार है।
बिज़ी लोगों से एक गुज़ारिश है,
कभी-कभी अपनों को भी वक़्त दे दिया करो।
बिज़ी होना कोई तमग़ा नहीं,
ये बस एक बहाना है अपनों से दूर रहने का।
जो बिज़ी होकर भी याद रखे,
वो इंसान सबसे ख़ास है।
फ़ुर्सत मिले तो मिलना ज़रूर,
बिज़ी ज़िंदगी में ये लम्हे बहुत क़ीमती हैं।
बिज़ी रहो पर इतने भी नहीं,
कि अपनों को “अजनबी” लगने लगो।
ज़िंदगी बिज़ी है, लोग बिज़ी हैं,
बस दिल ख़ाली है — किसी अपने की तलाश में।
बिज़ी ज़िंदगी का सबसे बड़ा सच —
जो आज बिज़ी है, कल उसके लिए कोई और बिज़ी होगा।
वक़्त बदलता है, लोग बदलते हैं,
बस अफ़सोस तब होता है जब कुछ बचता नहीं।
बिज़ी का स्टेटस लगाना आसान है,
पर जो इंतज़ार कर रहा है उसका दर्द कौन समझे।
दो पल रुककर एक मैसेज कर दो,
शायद किसी का पूरा दिन बन जाए।
Busy Shayari on Priorities in Hindi
“बिज़ी” असल में प्राथमिकता का दूसरा नाम है। जब कोई कहता है बिज़ी हूँ, तो असल में वो कह रहा है कि अभी कुछ और ज़्यादा ज़रूरी है। ये शायरी उसी सच को बयान करती है।
बिज़ी कोई नहीं होता,
बस प्राथमिकता बदल जाती है।
जिसके लिए तुम ज़रूरी हो,
वो बिज़ी होकर भी वक़्त निकालेगा।
बिज़ी का मतलब है — तुम लिस्ट में नीचे हो,
सच कड़वा है पर सच है।
सबके पास चौबीस ��ंटे हैं,
फ़र्क़ बस ये है कि कौन किसे वक़्त देता है।
जब प्राथमिकता बदले तो समझ जाओ,
रिश्ता बदल रहा है चुपचाप।
मैं तुम्हारे लिए वक़्त चुराता था,
तुम मेरे लिए बहाने बनाती थीं।
बिज़ी मत कहो, सीधा कह दो —
अभी तुम ज़रूरी नहीं हो मेरे लिए।
वक़्त सबके पास बराबर है,
प्यार करने वाला निकाल लेता है।
बहाने बनाने वाला “बिज़ी” कह देता है,
और सुनने वाला ख़ामोश हो जाता है।
तुमने जब “बिज़ी” कहा तो मैंने समझ लिया,
कि मेरी जगह अब किसी और ने ले ली है।
कोई शिकायत नहीं, कोई गिला नहीं,
बस ये दर्द है कि मैं ख़ुद को ज़रूरी समझता रहा।
प्राथमिकताएँ बदलती हैं तो रिश्ते बदल जाते हैं,
कल जो अपने थे वो आज बिज़ी हो जाते हैं।
इसमें किसी की ग़लती नहीं होती,
बस ज़िंदगी सबको अपने रंग मे�� रंग लेती है।
Conclusion
बिज़ी होना ज़िंदगी का हिस्सा है, लेकिन अपनों को भूल जाना ज़िंदगी की सबसे बड़ी ग़लती है। ये busy shayari in hindi उन तमाम एहसासों को बयान करती है — जब कोई बिज़ी कहता है, जब हम ख़ुद को बिज़ी रखते हैं, और जब बिज़ीनेस की वजह से रिश्ते ठंडे पड़ जाते हैं। वक़्त निकालो अपनों के लिए, क्योंकि ये लम्हे लौटकर नहीं आते। कभी-कभी दो मिनट की बात, एक छोटा सा मैसेज — किसी का पूरा दिन बना सकता है। बिज़ी रहो, पर इतने भी नहीं कि अपनों की आवाज़ सुनाई देना बंद हो जाए। 💛